दो साल में दो बच्चे.. मांओं पर गंभीर असर
डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि जल्दी-जल्दी दो बच्चे होने से मांओं पर गंभीर फिजिकल और मेंटल स्ट्रेस पड़ सकता है। कहा जाता है कि पहली प्रेग्नेंसी से शरीर के पूरी तरह ठीक होने से पहले दोबारा प्रेग्नेंट होने से थकान, एनीमिया, इंसोम्निया और डिप्रेशन बढ़ जाता है। यह सुझाव दिया जाता है कि दो बच्चों के बीच कम से कम 18 महीने से 3 साल का गैप न सिर्फ़ मां को हेल्दी रखता है बल्कि भाई-बहनों के बीच के रिश्ते को भी मज़बूत करता है।










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